फ़ाइल सं. IJM-0015
वर्गीकरण: ऐतिहासिक अभिलेखागार
विलियम शेक्सपियर
William Shakespeare
नाटककार एवं कवि

खंड I -- व्यक्ति परिचय
| नाम | विलियम शेक्सपियर |
|---|---|
| अंग्रेज़ी | William Shakespeare |
| राष्ट्रीयता | ब्रिटेन |
| जीवनकाल | 1564–1616 |
| लिंग | पुरुष |
| शताब्दी | 16-18वीं सदी |
| क्षेत्र | साहित्य |
| पदवी | नाटककार एवं कवि |
खंड II -- सारांश
1564 में इंग्लैंड के स्ट्रैटफ़ोर्ड-अपॉन-एवन में एक दस्ताना बनाने वाले व्यापारी जॉन शेक्सपियर के घर जन्मे विलियम ने स्थानीय ग्रामर स्कूल में लैटिन, बयानबाज़ी और शास्त्रीय साहित्य का अध्ययन किया।पिता की आर्थिक कठिनाइयों के कारण वे विश्वविद्यालय नहीं जा सके, परंतु यही स्वाध्याय ने उन्हें मानवीय स्वभाव के प्रति गहरी समझ दी।
पहला निर्णायक मोड़ 1582 में आया जब मात्र 18 वर्ष की आयु में उन्होंने आठ वर्ष बड़ी ऐन हैथवे से विवाह किया और तीन संतानें हुईं, परंतु पारिवारिक ज़िम्मेदारियों ने उन्हें लंदन जाने को प्रेरित किया।1580 के दशक के अंत में वे लंदन के रंगमंच जगत में अभिनेता और नाटककार के रूप में उभरे।
1590 के दशक की शुरुआत में उनकी प्रारंभिक हास्य और ऐतिहासिक नाटकों ने उन्हें प्रसिद्धि दिलाई।दूसरा मोड़ 1599 के आसपास आया जब उन्होंने ग्लोब थिएटर के साझेदार के रूप में स्थापना में भाग लिया — इसी मंच पर 「हैमलेट」, 「ओथेलो」, 「किंग लियर」 और 「मैकबेथ」 जैसी गहन त्रासदियाँ रची गईं, जिनमें मानवीय मन की जटिलताओं का अभूतपूर्व चित्रण है।
1603 में वे किंग्स मेन नाटक मंडली के नाटककार बने और जेम्स प्रथम के संरक्षण में कार्य किया।1611 के आसपास स्ट्रैटफ़ोर्ड लौटकर शांत जीवन बिताने लगे।1616 में मात्र 52 वर्ष की आयु में निधन हुआ।
37 नाटक, 154 सॉनेट्स और 1,700 नए अंग्रेज़ी शब्द — उनकी विरासत विश्व साहित्य की रीढ़ बनी हुई है।
खंड III -- कालरेखा
खंड IV -- प्रसिद्ध कथन
“होना या न होना, यही प्रश्न है।”
“सारा संसार एक रंगमंच है, और सभी स्त्री-पुरुष मात्र अभिनेता हैं।”
खंड V -- फ़ील्ड नोट्स
[A]रोज़मर्रा के शब्दों के आविष्कारक
शेक्सपियर ने lonely, generous, assassination और eyeball जैसे शब्द गढ़े जो आज भी रोज़ाना प्रयोग होते हैं। उन्होंने अंग्रेज़ी भाषा को इस तरह समृद्ध किया जैसा बहुत कम लोग कर पाए हैं।
शेक्सपियर के नाटकों और सॉनेट्स ने अंग्रेज़ी भाषा की संभावनाओं को परिभाषित किया और पश्चिमी कथावाचन की नींव वाले नाटकीय आदर्शों को स्थापित किया। उन्होंने आज भी उपयोग में आने वाले लगभग 1,700 शब्दों का आविष्कार किया और ऐसी मनोवैज्ञानिक गहराई वाले पात्र बनाए जो संस्कृतियों और सदियों भर प्रासंगिक बने हुए हैं। किसी अन्य लेखक का विश्व साहित्य पर तुलनीय प्रभाव नहीं रहा है।
- [01]हैमलेट (लगभग 1600)
- [02]रोमियो और जूलियट (लगभग 1595)
- [03]मैकबेथ (लगभग 1606)
- [04]ए मिडसमर नाइट्स ड्रीम (लगभग 1595)
- [05]सॉनेट्स (154 कविताएँ, 1609 में प्रकाशित)



