फ़ाइल सं. IJM-0031
वर्गीकरण: ऐतिहासिक अभिलेखागार
तूतनखामुन
Tutankhamun
मिस्र का फ़िरौन

खंड I -- व्यक्ति परिचय
| नाम | तूतनखामुन |
|---|---|
| अंग्रेज़ी | Tutankhamun |
| राष्ट्रीयता | मिस्र |
| जीवनकाल | c.1341 BC–c.1323 BC |
| लिंग | पुरुष |
| शताब्दी | ईसा पूर्व |
| क्षेत्र | राजनीति |
| पदवी | मिस्र का फ़िरौन |
खंड II -- सारांश
लगभग 1341 ईसा पूर्व मिस्र के 18वें राजवंश में फ़िरौन अखेनातेन के पुत्र के रूप में जन्मे इस बालक का मूल नाम तूतनखातेन था — अर्थ 「आतेन की जीवित प्रतिमूर्ति」।उनके पिता ने मिस्र की हज़ारों वर्ष पुरानी बहुदेववादी परंपरा को उलटकर एकमात्र सूर्य-देवता आतेन की पूजा को लागू किया था, जिससे पुरोहित वर्ग और जनता में भारी असंतोष था।
बालक ने नई राजधानी अमरना में पला-बढ़ा जीवन देखा, परंतु माँ संभवतः राजकुमारी नेफ़र्नेफ़रुआतेन थीं।आनुवंशिक अध्ययनों ने बाद में पुष्टि की कि उनके माता-पिता भाई-बहन थे, जिससे उन्हें विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएँ थीं — कटा तालू, पैर की विकृति, और कमज़ोर प्रतिरक्षा प्रणाली।
पहला निर्णायक मोड़ लगभग 1332 ईसा पूर्व में आया जब पिता की मृत्यु पर मात्र नौ वर्ष की आयु में वे फ़िरौन बने।बाल सम्राट की आड़ में सलाहकार आय और सेनापति होरेमहेब राज्य चला रहे थे।दूसरा ऐतिहासिक मोड़ लगभग 1330 ईसा पूर्व में आया जब उन्होंने (या सलाहकारों ने) प्राचीन आमोन-रा पूजा को बहाल किया, राजधानी पुनः थीब्स स्थानांतरित की, और अपना नाम बदलकर तूतनखामुन — 「आमोन की जीवित प्रतिमूर्ति」 — कर लिया।
यह मिस्र की पारंपरिक धर्म-व्यवस्था की पुनर्स्थापना थी।1323 ईसा पूर्व में लगभग 18-19 वर्ष की आयु में रहस्यमय परिस्थितियों में निधन हुआ — संभवतः मलेरिया, पैर की हड्डी टूटने से संक्रमण, या रथ दुर्घटना।
राजाओं की घाटी में छोटी क़ब्र KV62 में दफ़नाया गया।3,200 वर्षों तक गुमनाम रहने के बाद 1922 में हावर्ड कार्टर द्वारा उनकी लगभग अक्षत क़ब्र की खोज और 11 किलो ठोस सोने का मृत्यु मुखौटा ने उन्हें इतिहास के सबसे प्रसिद्ध फ़िरौन बना दिया।
खंड III -- कालरेखा
खंड IV -- प्रसिद्ध कथन
“मृत्यु तेज़ पंखों पर आती है उसके लिए जो फ़िरौन की शांति भंग करे।”
खंड V -- फ़ील्ड नोट्स
[A]फ़िरौन का अभिशाप
1922 में मक़बरा खोलने के बाद, टीम के कई सदस्यों की रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गई, जिससे「तूतनखामुन का अभिशाप」की किंवदंती जन्मी। हालाँकि विज्ञान ने मृत्यु के प्राकृतिक कारण बताए, यह किंवदंती आज भी कल्पना को उत्तेजित करती है।
1922 में तूतनखामुन की लगभग अक्षत क़ब्र की खोज ने प्राचीन मिस्र के साथ एक विश्वव्यापी आकर्षण को जन्म दिया जो आज भी कायम है। बरामद किए गए 5,000 से अधिक कलाकृतियों ने, विशेष रूप से प्रतिष्ठित स्वर्ण मृत्यु मुखौटे ने, मिस्र की दफ़न प्रथाओं और शिल्प कौशल की हमारी समझ को बदल दिया। 「राजा टुट」 लोकप्रिय संस्कृति में सबसे प्रसिद्ध फ़ैरो बने और उनकी प्रदर्शनियाँ विश्व स्तर पर लाखों आगंतुकों को आकर्षित करती रहती हैं।
- [01]स्वर्ण मृत्यु मुखौटा (11 किग्रा ठोस सोना)
- [02]ठोस सोने का सबसे भीतरी ताबूत (110 किग्रा)
- [03]1922 में खोजी गई 5,000 से अधिक क़ब्र की कलाकृतियाँ
- [04]अमर्ना काल के बाद अमुन पूजा की पुनर्स्थापना
- [05]राजाओं की घाटी में क़ब्र KV62



