फ़ाइल सं. IJM-0043
वर्गीकरण: ऐतिहासिक अभिलेखागार
जोहान सेबास्टियन बाख
Johann Sebastian Bach
संगीतकार और ऑर्गन वादक
खंड I -- व्यक्ति परिचय
| नाम | जोहान सेबास्टियन बाख |
|---|---|
| अंग्रेज़ी | Johann Sebastian Bach |
| राष्ट्रीयता | जर्मनी |
| जीवनकाल | 1685–1750 |
| लिंग | पुरुष |
| शताब्दी | 16-18वीं सदी |
| क्षेत्र | संगीत |
| पदवी | संगीतकार और ऑर्गन वादक |
खंड II -- सारांश
1685 में जर्मनी के छोटे से शहर आइज़नाख में जन्मे जोहान सेबास्टियन बाख एक अत्यंत संगीतमय थूरिंगियन परिवार से थे, जिसने पीढ़ियों तक संगीतकार पैदा किए।उनके पिता जोहान एम्ब्रोसियस ने उन्हें वायलिन और हार्प्सिकोर्ड की प्रारंभिक शिक्षा दी।
दस वर्ष की आयु में अनाथ होने के बाद वे अपने बड़े भाई जोहान क्रिस्टोफ के साथ रहने चले गए, जिन्होंने उन्हें ऑर्गन सिखाया — किंवदंती है कि उन्होंने चाँदनी में छुपकर अपने भाई की निषिद्ध संगीत पांडुलिपियों की नकल उतारी, जिससे उनकी आँखें कमज़ोर हो गईं।पहला निर्णायक मोड़ 1708 में आया जब वे वाइमर दरबार के ऑर्गनवादक नियुक्त हुए, जहाँ उन्होंने प्रतिबिंदु की कला पर महारत हासिल की और अपनी अधिकांश ऑर्गन रचनाएँ लिखीं।
1717 में कोथेन के राजकुमार लियोपोल्ड के संगीत निदेशक बने, जहाँ उन्होंने「ब्रांडेनबर्ग कॉन्चर्टो」और「वेल-टेम्पर्ड क्लेवियर」रचीं।दूसरा मोड़ 1723 में आया जब लाइपज़िग के सेंट थॉमस चर्च में कैंटर का पद स्वीकार किया, जहाँ अपने जीवन के अंतिम 27 वर्ष बिताए और लूथरन पूजा के लिए साप्ताहिक संगीत लिखा — 200 से अधिक कैंटाटा,「मैथ्यू पैशन」, और「बी माइनर मास」।
उनकी दो पत्नियों मारिया बारबरा और अन्ना मैगडालेना से 20 बच्चे हुए, जिनमें से केवल दस जीवित रहे और चार प्रसिद्ध संगीतकार बने।जीवन के अंतिम वर्षों में असफल मोतियाबिंद शल्य चिकित्सा के कारण उनकी दृष्टि चली गई, और 1750 में 65 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
दशकों तक भुलाए जाने के बाद, 19वीं सदी में मेंडेलसन ने उनका संगीत पुनर्जीवित किया।
खंड III -- कालरेखा
खंड IV -- प्रसिद्ध कथन
“मैं कठिन परिश्रम करने को बाध्य हूँ; जो कोई भी समान परिश्रम करेगा, वह उतना ही सफल होगा।”
“सभी संगीत का अंतिम उद्देश्य ईश्वर की महिमा और आत्मा का नवीनीकरण होना चाहिए।”
खंड V -- फ़ील्ड नोट्स
[A]चाँदनी में संगीत की नकल
किंवदंती है कि युवा बाख ने अपने बड़े भाई की एक ताले में बंद दुर्लभ संगीत पांडुलिपि की इच्छा की, और रात में सबके सो जाने के बाद उसे निकालकर महीनों तक चाँदनी में उसकी नकल उतारी। बचपन में ही उनकी दृष्टि कमज़ोर हो गई। यह घटना महान संगीतकारों की शैलियों के अध्ययन के लिए उनके गहरे जुनून की शुरुआत मानी जाती है।
प्रतिबिंदु और सामंजस्य में महारत के माध्यम से बाख ने आधुनिक पश्चिमी संगीत की नींव रखी। उनकी मृत्यु के बाद उनके कार्य उपेक्षित रहे, जब तक 1829 में मेंडेलसन ने उन्हें पुनर्जीवित नहीं किया; तब से उन्हें शास्त्रीय संगीत का शिखर माना जाता है, और मोज़ार्ट से शोस्ताकोविच तक हर बाद के संगीतकार पर उनका गहरा प्रभाव है।
- [01]ब्रांडेनबर्ग कॉन्चर्टो (1721)
- [02]वेल-टेम्पर्ड क्लेवियर (1722, 1742)
- [03]मैथ्यू पैशन (1727)
- [04]बी माइनर मास (1749)
- [05]फ्यूग की कला (1750)

